विकास दुबे की अस्थियां और डेथ सार्टिफिकेट लेने कानपुर पहुंची पत्नी रिचा और बेटा

कानपुर। भगीरथ प्रयास न्यूज़ नेटवर्क।
विकास दुबे के एनकाउंटर के 38 दिन का पत्नी रिचा दुबे और बेटा कानपुर पहुंचे। कानपुर में वह सीधे भौरवघाट स्थित विद्युत शवदाहगृह गए। जहां विकास दुबे का अंतिम संस्कार किया गया था। यहां से दोनों ने विकास दुबे की अस्थियां ली। इसके बाद सीधे लखनऊ चले गए। बताया जा रहा है कि इन लोगों ने विकास का डेथ सार्टिफिकेट भी लिया।
10 जुलाई को उज्जैन से कानपुर लाते समय गाड़ी पलट जाने के बाद हुए एनकाउंटर में विकास दुबे मारा गया था। उसका अंतिम संस्कार कानपुर में ही किया गया। कुछ दिनों पहले टीवी चैनलों से बातचीत में विकास की पत्नी ने कहा था कि कानपुर की घटना के बाद विकास दुबे मेरे सामने होता तो खुद उसको गोली मार देती।रिचा ने यह भी जानकारी दी थी कि घटना वाली रात दो बजे विकास ने फोन कर बताया था कि बच्चों को लेकर भाग जाओ, मेरा गांव में झगड़ा हो गया है। ऋचा ने बताया था कि विकास ने जो भी किया उसके लिए उसे माफ नहीं किया जा सकता। उसने आठ पुलिसकर्मियों की पत्नियों को कर दिया। किसी को मुंह दिखाने लायक नहीं छोड़ा। मैं होती तो खुद विकास को गोली मारने में पीछे नहीं हटती। घटना वाली रात दो बजे विकास का फोन आया था। उसने फोन पर कहा कि गांव में पुलिस पर गोलियां चल रही हैं। तुम बच्चों को लेकर निकल जाओ।
क्षेत्र के लोगों ने बनाया अपराधी कोई भी पैदा होते ही अपराधी नहीं होता। विकास भी अपराधी नहीं था। उसे क्षेत्र के लोगों ने अपराधी बनाया। ऋचा ने कहा कि जब वह दुर्घटना का शिकार हुआ था तो उसके दिमाग में बबल आ गया था। इसके कारण वह एनजाइटी का मरीज हो गया था। उसका इलाज चल रहा था। बीते 3-4 माह से इलाज नहीं हो सका था। इस बीमारी के कारण विकास का गुस्सा बहुत बढ़ गया था।

बदमाश की औलाद बदमाश नहीं होती

घटना के बाद से छोटा बेटा दिमागी तौर पर शॉक्ड हो गया है। हालांकि मैं अपने बच्चों की अच्छी परवरिश कर रही हूं। मेरे बड़े बेटे ने मेडिकल की तीन साल की पढ़ाई पूरी कर ली है। छोटे बेटे के हाईस्कूल में 91.4 प्रतिशत आए हैं। वे अपने रास्ते आगे बढ़ रहे हैं। ऋचा ने कहा कि वह सिर्फ इतना मैसेज देना चाहती है कि बदमाश की औलाद बदमाश ही नहीं होती।

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