वरिष्ठ अधिवक्ता जनमोर्चा के पूर्व ब्यूरो चीफ राजेश्वर सिंह का दुखद निधन

सुल्तानपुर, भगीरथ प्रयास न्यूज़ नेटवर्क ब्यूरो रिपोर्ट : सुल्तानपुर उत्तर प्रदेश के वरिष्ठ अधिवक्ता, वरिष्ठ इतिहासकार और वरिष्ठ पत्रकार राजेश्वर सिंह अब हमारे बीच में नहीं है . अल्प बीमारी के चलते उनका दुखद निधन हो गया है. उन्होंने अपने जीवन के 86 बसंत देखे और जनमोर्चा जैसे प्रतिष्ठित समाचार पत्र में सुल्तानपुर जिले के ब्यूरो चीफ के रूप में लंबे समय तक प्रतिनिधित्व किया.
इस दौरान राजेश्वर सिंह ने निष्पक्ष और निर्भीक पत्रकारिता की एक ऐसी परंपरा कायम की जिससे आने वाली पीढ़ियां अनुकरण ग्रहण करेंगी. राजेश्वर सिंह जिले के माने जाने अधिवक्ता भी रहे हैं उन्होंने जिले के प्रायः सभी न्यायालयों में अपने मुवक्किलों का पक्ष पूरी दमदारी और तार्किक आधार पर कानूनी पहलुओं का ध्यान रखते हुए रखा और अनेक जटिल मुकदमों को जीता भी. इतना ही नहीं राजेश्वर सिंह को इतिहास में गहरी रूचि थी और उन्होंने इतिहास पर भी बहुत कुछ लिखा जिससे उन्हें एक उत्तम इतिहासकार भी माना जाता है.
वरिष्ठ पत्रकार, वरिष्ठ अधिवक्ता और वरिष्ठ इतिहासकार के साथ ही राजेश्वर सिंह एक मिलनसार व्यक्तित्व के भी धनी थे . वह अपने मिलने वालों से बड़ी ही सरलता से मिलते थे और उनकी हर संभव मदद भी करते थे और आवश्यक सलाह भी दिया करते थे.
राजेश्वर सिंह के निधन से पत्रकारिता जगत की अपूरणीय क्षति हुई है साथ ही विधिक क्षेत्र में भी उनके निधन से जो खालीपन आया है उसे शायद ही भरा जा सकेगा. उनके निधन से सुल्तानपुर, अयोध्या, प्रतापगढ़, आजमगढ़, अमेठी, बाराबंकी, प्रयागराज , जौनपुर आदि इलाकों के उनके जानकारों में शोक की लहर दौड़ गई है.

पूर्व एमएलसी अशोक सिंह ने राजेश्वर सिंह के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है. पत्रकार वार्ता में श्री सिंह ने राजेश्वर सिंह के निधन पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा है कि समाज के सभी वर्गों की अपूरणीय क्षति हुई है. साथ ही उन्होंने कहा कि राजेश्वर बाबू हमारे पिताजी बाबू केदारनाथ के करीबी मित्र, छोटे भाई, सलाहकार व रिश्तेदार के साथ साथ कमला नेहरू संस्थान के स्थापना में अपने बहुत ही महत्वपूर्ण योगदान के कारण संस्था के आजीवन संस्थापक सदस्य एवं पूर्व प्रबंधक थे. अपने परिवार की तरफ से उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की है.
भगीरथ प्रयास समाचार पत्र और भगीरथ प्रयास न्यूज़ नेटवर्क चैनल, वरिष्ठ पत्रकार राजेश्वर सिंह की अमर हो चुकी कलम को सलाम करते हुए उनके लिए उनकी आत्मा के लिए प्रभु श्रीराम से शांति की कामना करता है.

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