अंततः वाणी कालेज/वाणी शिक्षा मन्दिर, पर गिरी सरकारी गाज

भगीरथ प्रयास के समाचार का असर

लखनऊ, भगीरथ प्रयास न्यूज़ नेटवर्क ब्यूरो रिपोर्ट : अंततः लखनऊ स्थित वाणी कॉलेज वाणी शिक्षा मंदिर पर सरकारी गाज गिर ही गई. वाणी कॉलेज और वाणी शिक्षा मंदिर के ऊपर आरोप लगा है कि शिक्षण संस्थान के ट्रस्टी यों की ओर से अपने अधिकारों का दुरुपयोग करते हुए और लॉक डाउन का लाभ उठाते हुए कॉलेज केंपस और विद्यालय कि भारत में बच्चों की पढ़ाई बंद करवा कर पशुओं को रखा जा रहा था इतना ही नहीं विद्यालय के प्रबंधकों पर अन्य कई गंभीर आरोप लगे थे जिसकी जांच करने पर शिकायत सही पाई गई उसके पश्चात विद्यालय का पंजीकरण निरस्त करने की सिफारिश विभाग द्वारा कर दी गई है.

आपको बता दें कि वाणी कालेज/वाणी शिक्षा मन्दिर,भवानीपुर,अनौरा कला,अयोध्या रोड, लखनऊ में स्थिति है।जहाँ पर कोरोना जैसे महामारी में छात्रों से 04 अगस्त2020 को बकायदा स्टाम्प पेपर पर 5/6 माह का एडवांस फीस लिखित रूप से माँगा गया था।जब अभिभावकों ने एडवांस फीस जमा करने में असमर्थता जताई तो उन्हें बेइज्जत करके भगा दिया गया। उसके बाद 11.08.20 से ही विद्यालय में ताला लगा दिया गया।

यही नहीं विद्यालय परिसर में मुर्गी पालन, बकरी पालन एवँ अन्य गतिविधियां संचालित की जाने लगी। जब इसकी शिकायत जिलाधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक,जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी एवँ मुख्यमंत्री जन सुनवाई पोर्टल पर की गई,तो सभी शिकायत शत प्रतिशत सत्य पाए गए।

 जिस पर खण्ड शिक्षा  अधिकारी/बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा वाणी शिक्षा मन्दिर की मान्यता रदद् करने की सिफारिश कर दी गई है।

  साथ ही विद्यालय प्रबन्ध तन्त्र की दबंगई की हद तो तब हो गई जब उनके द्वारा नियुक्त जाँच अधिकारी(रश्मि श्रीवास्तव एवँ शिवम कश्यप) के जाँच हेतु पहुँचने पर परिचय पत्र दिखाने के बाद भी विद्यालय नही खोला गया। न ही उनका फोन रिसीव किया गया और न उनके द्वारा भेजा रजिस्टर्ड पत्र रिसीव किया गया। जिला विद्यालय निरीक्षक के अपने स्तर से की गई जाँच में शत प्रतिशत सभी शिकायतें सत्य पाई । जिस कारण से जिला विद्यालय निरीक्षक ने 06.01.21 को सचिव, माध्यमिक शिक्षा को विद्यालय की मान्यता प्रत्याहरण हेतु पत्र भेज दिया  है।


 प्रबन्ध तन्त्र के तानाशाही का एक नमूना और भी कष्टकारी है जिसमे सभी शिक्षकों को बिना वेतन दिये ही विद्यालय आने से मना कर दिया गया है। जिस कारण सभी शिक्षक एवँ कर्मचारी भुखमरी के कगार पर पहुँच गए हैं।

उल्लेखनीय है कि इस संबंध में सर्वप्रथम भागीरथ प्रयास न्यूज़ नेटवर्क की ओर से समाचार प्रकाशित किया गया था इस समाचार का संज्ञान लेते हुए संबंधित विभाग ने संबंधित शिकायतों पर काफी गहनता से छानबीन की पड़ताल किया और जब शिकायत सही पाई गई तो कार्रवाई हेतु सिफारिश की.

आपको यह भी बता दें कि इस संबंध में उक्त विद्यालय की प्रबंधक पूनम मोतीवाल और उनके पति से फोन पर संपर्क करने की कोशिश की गई फोन की घंटी बजी किंतु उन्होंने फोन उठाया नहीं. इस प्रकार उनकी प्रतिक्रिया लेने के लिए वह उपलब्ध नहीं हो सके जिससे यह समाचार उनकी प्रतिक्रिया किए बिना ही प्रकाशित किया गया.

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