मजाक बने हॉटस्पॉट क्षेत्र लगातार बाहर निकल रहे लोग

बैरिकेटिंग कर प्रशासन ने भी मुंह मोड़ा उसरहवा मोहल्ले से भी दुकानों पर जा रहे लोग

अंबेडकर नगर, 30 मई । जिला प्रशासन ने कोरोना संक्रमित पाये गये लोगो के गाँवों व कस्बो को एक किमी के क्षेत्र में हॉटस्पॉट क्षेत्र घोषित कर सील तो कर दिया है लेकिन प्रशासन की यह कार्यवाई हाथी के दांत के समान साबित हो रही है। गांव में दो चार बल्ली लगाकर उसे सील कर प्रशासन अपने कर्तव्यों से मुंह मोड़ लेता है और ग्रामवासी लगातार गाँव से निकलकर अपनी दैनिक दिनचर्या करते देखे जा रहे है। बात चाहे पैकोलिया बाजार की हो अथवा बरामदपुर जरियारी या सीहमयी कारीरात की हो या जिला मुख्यालय का उसरहवा मोहल्ला हो,हर जगह हाट स्पॉट केंद्र का मजाक ही उड़ाया जा रहा है। कोरोना संक्रमण की भयावहता को लोगो द्वारा पूरी तरह हवा में उड़ा दिया जा रहा है जिससे संक्रमण बढ़ने का खतरा लगातार मंडरा रहा है। जानकारी के अनुसार बरामदपुर जरियारी गांव के लोगों की दुकाने आनंद नगर व महरुआ बाजार में है और यह लोग लगातार अपनी दुकानों पर पहुंच रहे हैं । यही हाल सीहमयी गांव का भी है। यहां तो लोगों ने प्रशासन द्वारा लगाई गई बैरिकेडिंग को ही तोड़ दिया लेकिन इसे देखने वाला कोई नहीं है। ग्रामीणों ने बताया कि बैरी कटिंग करने के बाद से आज तक कोई भी प्रशासनिक या पुलिसकर्मी गांव तक नहीं आया है जिससे लोगों में किसी प्रकार का डर नहीं देखा जा रहा है। हॉटस्पॉट क्षेत्र के लोग प्रशासन के दिशा निर्देशों को दरकिनार कर आवाजाही बनाए हुए हैं। ग्रामीण जनों की बात तो छोड़ दीजिए जिला मुख्यालय पर ही उसरहवा मोहल्ले को हॉटस्पॉट क्षेत्र घोषित किया गया है। नियमतः हॉटस्पॉट क्षेत्र को एक किलोमीटर की परिधि में सील किया जाना चाहिए लेकिन यहां प्रशासन ने एक गली को बंद कर अपना काम पूरा कर दिया है। महज कुछ मीटर में बैरिकेडिंग करने के बाद प्रशासनिक अमले ने मुंह मोड़ लिया है जिसके कारण इस मोहल्ले के लोग बस स्टेशन क्षेत्र के अलावा पूरे कस्बे में भ्रमण कर रहे हैं। यही नहीं, मोहल्ले के अधिकांश लोगों की जिला मुख्यालय पर ही दुकानें हैं और वे अपनी दुकानों पर पहुंच रहे हैं। प्रश्न यह है कि जब हॉटस्पॉट क्षेत्र में घर से निकलने पर ही प्रतिबंध रहता है तो लोग वहां से निकल कर अपनी दुकानों पर कैसे पहुंच रहे हैं। जाहिर है कि प्रशासन ने भी खानापूर्ति कर सब कुछ लोगों के ही ऊपर छोड़ दिया है। ऐसे में यदि लोग खुद न चेते तो वे कभी भी संक्रमण की जद में भी आ सकते हैं।

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