लीला पुनावाला फ़ाउंडेशन की एचएसबीसी टेक्नोलॉजी इंडिया के साथ साझेदारी

पुणे और हैदराबाद की ज़रूरतमंद छात्राओं को सहायता

पुणे, भगीरथ प्रयास न्यूज़ नेटवर्क बिजनेस टीम :

एचएसबीसी टेक्नोलॉजी इंडिया (एचटीआई) और लीला पुनावाला फाउंडेशन (एलपीएफ) ने आर्थिक रूप से कमजोर पृष्ठभूमि की छात्राओं का समर्थन करने के लिए एक एमओयु पर हस्ताक्षर किए हैं. इस पहल के माध्यम से 200 लड़कियों की मदद की जाएगी. पुणे की नर्सिंग और इंजीनियरिंग पाठ्यक्रम की 100 छात्राएं (महाराष्ट्र राज्य) और हैदराबाद की इंजीनियरिंग पाठ्यक्रम की 100 लड़कियों (तेलंगाना राज्य) को छात्रवृत्ती प्रदान की जाएगी, साथ ही उन्हें स्किल डेवलपमेंट एवं रोजगार के लिए आवश्यक प्रशिक्षण भी दिया जाएगा.

यह पहली बार है जब पुणे स्थित लीला पुनावाला फाउंडेशन ने एचएसबीसी टेक्नोलॉजी इंडिया (एचटीआई) के समर्थन से महाराष्ट्र से बाहर कदम रखा है, ताकि व्यापक राष्ट्रीय दृष्टिकोण प्राप्त किया जा सके.

इस अवसर पर, लीला पुनावाला (पद्मश्री पुरस्कार विजेता, 1989) अध्यक्ष – लीला पुनावाला फाउंडेशन (एलपीएफ). ने कहा, “लड़कियों की शिक्षा और सशक्तिकरण लीला पुनावाला फ़ाउंडेशन के मुख्य उद्देश्य है. एचएसबीसी टेक्नोलॉजी इंडिया को भागीदार के रूप में पाना गर्व की बात है. शैक्षणिक रूप से उज्ज्वल लेकिन वित्तीय रूप से कमजोर लड़कियों को शिक्षा , छात्रवृत्ति , कौशल निर्माण कार्यक्रमों के माध्यम से सशक्त बनाना ही इस पहल का उद्देश्य है.साथ ही एचटीआई के कर्मचारी और स्वयंसेवियों की पहल से इन लड़कियों में आत्मविश्वास बढेगा और उनके रोजगार स्किल को बढावा मिलेगा.”

बालासुब्रमण्यन गणेश, हेड – एचएसबीसी टेक्नोलॉजी इंडिया ने कहा, “इस साझेदारी का उद्येश्य एचएसबीसी द्वारा रोजगार और वित्तीय क्षमता विकास पर केंद्रित करना है. जिससे हमारे समुदाय की वंचित लड़कियाँ आज और भविष्य में भी सशक्त बने. इस 4 साल की साझेदारी के माध्यम से हम वंचित घरों की कई इच्छुक युवा छात्राओं को वित्तीय रूप से मदद, प्रशिक्षण और उच्च कुशल रोजगार को समर्थन देंगे, यह हमारे लिए खुशी की बात है. ऐसे उपक्रमों के माध्यम से यह छात्राए भविष्य में आत्मनिर्भर एवं सशक्त बनेगी.’ एलपीएफ की अध्यक्षा लीला पूनावाला और एचटीआई के सेंटर ऑपरेशंस के प्रमुख,गिरीश बिदानी ने दामिनी खैरे ( कॉर्पोरेट सस्टेनेबिलिटी लीड, एचटीआई) और प्रीति खरे (सीईओ, एलपीएफ) की उपस्थिति में एमओयु पर हस्ताक्षर किए .

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