‘क्रॅक द कोविड-१९ क्रायसिस’ राष्ट्रीय हॅकेथॉनमें ‘रायसोनी’ की ‘कोविड स्ट्रायकर्स’ टीम बनी उपविजेता

पुणे.भगीरथ प्रयास न्यूज़ नेटवर्क ब्यूरो रिपोर्ट : आयबीएम और नॅसकॉम फ्युचर स्किल्स के संयुक्त तत्वाधान से आयोजित ‘क्रॅक द कोविड-१९ क्रायसिस’ राष्ट्रीय स्तर ऑनलाईन हॅकेथॉन में वाघोली (पुणे) स्थित जी. एच. रायसोनी इन्स्टिट्यूट ऑफ इंजिनिअरिंग अँड टेक्नॉलॉजी के (जीएचआरआयईटी) ‘कोविड स्ट्रायकर्स’ टीम ने उपविजेता के तौर पर जीत हासिल की. माइग्रेंट वर्कर्स की मदद के लिए इस टीम ने ‘पॉवर टू व्हॉइस’ प्रोजेक्ट (ऍप) बनाया है. लॉकडाऊन के दौरान छात्रों की भीतर कल्पनाशक्ती को प्रोत्साहन देने हेतु और कोरोना जैसी महामारी के कारन आई समस्यांओ को सुलझाने के लिए यह ऑनलाईन हैकेथॉन आयोजित की गई थी.

प्रा. रचना साबळे व प्रा. पंकज खांबरे के मार्गदर्शन में अक्षय तोष्णीवाल, सोहम मुनोत, हिमांशू देशमुख, सौरभ चोरडिया ने यह प्रोजेक्ट किया. देशभर से २६, ४७८ टीम इसमें शामिल हुई थी. आयटी प्रोफेशनल्स, छात्र और स्टार्टअप जैसे एक लाख से अधिक लोगो ने इसमें हिस्सा लिया. तीन राउंड में हुए इस प्रतियोगिता में ‘रायसोनी’ की टीम अंतिम कड़ी में उपविजेता बनी. कोरोना के कारन निर्माण हुई कई समस्या को लेकर इनोवेशन के माध्यम से प्रैक्टिकल और परिणामकारक उपाय खोजने का प्रयास इससे हुआ. क्लाउड कम्प्युटिंग और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (आर्टिफिशियल इंटेलिजन्स) का इस्तेमाल इसमें हुआ.

यह टीम अब ‘इंटरनॅशनल आयबीएम हैकेथॉन’ में भाग लेनेवाली है. लोगो को मददगार ठहरनेवाले इस प्रोजेक्ट की नॅस्कॉमने भी सराहना की है. रायसोनी ग्रुप ऑफ इन्स्टिट्यूट के अध्यक्ष सुनील रायसोनी, श्रेयस रायसोनी, अजित टाटिया, डॉ. आर. डी. खराडकर (संचालक, जीएचआरआयईटी) ने छात्र व शिक्षको का अभिनंदन किया और उन्हें आंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए शुभकामनाये दी.

“शासन, प्रशासन, स्वयंसेवी संस्था व माइग्रेंट वर्कर्स के संवाद के लिए यह प्रोजेक्ट महत्वपूर्ण है. लॉकडाउन के दौरान देशभर में माइग्रेंट वर्कर्स का मुद्दा अहम् रहा. इसके ऊपर उपाय खोजने का प्रयास इसमें किया गया है. एक राज्य से दूसरे राज्य में जाने के लिए शासकीय कार्यालय और रेल्वे डिपार्टमेंट की बिच सहजता से समन्वय होने के लिए यह काफी मदद करेगा.

यह ऍप वर्कर्स का रिस्क एनालिसिस भी कर सकता है. शिवाय, इन लोगो को कुछ मदत करनी हो, तो एनजीओ को भी यह मदत करेगा. इसकी विशेषता ये है की, इस ऍप को इस्तेमाल करने के लिए स्मार्टफोन अथवा इंटरनेट की जरुरत नहीं. सादे फोन पर भी यह इस्तेमाल किया जा सकता है.”

प्रा. रचना साबळे, मार्गदर्शिका

Print Friendly, PDF & Email

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *