केएनआई में अनुसंधान एवं नवाचार विषय पर द्विदिवसीय अंतरराष्ट्रीय वेबिनार का समापन

सुलतानपुर। भगीरथ प्रयास न्यूज़ नेटवर्क ब्यूरो रिपोर्ट। अंतरराष्ट्रीय वेबिनार के उद्घाटन समारोह में प्रो.बलराम सिंह ,मैसाचुसेट्स ,यू.एस.ए.ने जेनेटिक्स पर,,प्रो.किशोर.के.श्रीवास्तव, सी.एस.आई.आर.लखनऊ ने ड्रग डेवलपमेंट प्रासेस पर,प्रो.आर.बी.सिंह, देलही स्कूल आफ इकोनॉमिक्स, सदस्य नीति आयोग ने सतत विकास हेतु यू.एन.ओ.की अवधारणा पर अपने विचार प्रकट किया।सत्र की अध्यक्षता डाँ.राममनोहर लोहिया अवध वि.वि.के माननीय कुलपति प्रो.मनोज दीक्षित ने किया।
प्रथम दिवस के पैनल डिस्कशन सत्र मे प्रो.आर.सी.दूबे विभागाध्यक्ष माइक्रोबायोलॉजी, गुरुकुल कांगड़ी वि.वि.हरिद्वार ने कोविड-19 के परिपेक्ष्य मे भारतीय माइथोलॉजी की प्रासंगिकता पर,प्रो.अजय विक्रम सिंह, मैक्स प्लैंक इंस्टीट्यूट आफ इंटेलीजेंस सिस्टम, स्टटगार्ट, जर्मनी ने नैनो रोबोटिक्स पर,प्रो.ए.आर.सिद्दीकी ,प्रयाग वि.वि.प्रयाग ने सतत विकास के ऐतिहासिक परिप्रेक्ष्य पर,प्रो.सुनील कटेरिया,जे.एन.यू.नयी दिल्ली ने फोटो बायोलॉजी पर,डाँ मधुकर मिश्रा ,बिट्स पिलानी,राजस्थान ने तापमान और धातुओं के बदलते व्यवहार पर,मि.तरुण कृष्ण ,डब्लिन वि.वि.आयरलैण्ड ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता पर एवं डाँ.प्राची श्रीवास्तव ,एमिटी वि.वि.लखनऊ ने जैव सूचनातंत्र पर अपने विचारों को साझा किया।धन्यवाद ज्ञापन डाँ.डी.के.त्रिपाठी ने व सत्र संचालन डाँ.आर.के.पांडेय ने किया।
वेबिनार के दूसरे दिन डाँ.महेन्द्र सिंह, मियामी वि.वि.यू.एस.ए.ने गालब्लेडर के कैंसर ड्रग पर,डाँ. नेत्रानंद साहू,क्योटो वि.वि.जापान ने जलवायु परिवर्तन का फसलों पर प्रभाव विषय पर,डाँ एस.जी.वी.सुब्रमण्यम, अन्ना वि.वि.चेन्नई ने रिमोट सेंसिंग पर,अपने विचार व्यक्त किया।इसके अतिरिक्त डाँ.शोबी वेलेरी,प्रो.रामकृपाल, डाँ. राजिंदर सिंह चंदेल,पटियाला, पंजाबी वि.वि.ने भी अपने शोध को साझा किया।सत्र का संचालन डाँ एल.के.द्विवेदी ने व धन्यवाद डाँ. ए.के.सिंह ने दिया।सत्र में उप प्राचार्य डाँ. एस.के.सिंह, डाँ. वी.पी.सिंह ने भी संस्थान की ओर से धन्यवाद दिया।
समापन सत्र मे डाँ. अरविंद छाबड़ा,एमिटी हरियाणा,डाँ. एम.गुलाम महबूब, ढाका,बांग्लादेश, डाँ. राजीव सिंह, एन.बी.एफ.जी.आर. लखनऊ, डाँ. राकेश बंदीछोर रेड्डी लेब्रोटरी, हैदराबाद व अरविन्द श्रीवास्तव, रिजर्व बैंक आफ इंडिया, मुम्बई ने अपने शोध साझा किया।धन्यवाद प्राचार्य डाँ. राधेश्याम सिंह ने व सत्र संचालन डाँ राकेश कुमार पांडेय ने व तकनीकी सहायता डाँ. अवधेश दूबे व दीप बरनवाल ने किया।
इस विस्तृत विचार समारोह से 300 शोध छात्र जुड़े।125 शोधपत्र आए।60 शोधपत्र का वाचन सुनिश्चित किया गया।संगोष्ठी मे यू.एस.ए.,इंग्लैंड, आयरलैण्ड, जर्मनी, जापान, फीजी,बांग्लादेश, के विचारकों ने प्रतिभाग करके संस्थान को गरिमा प्रदान किया।प्रबंधक श्री विनोद सिंह ने भी विद्वानों का आभार ज्ञापित किया है।

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