केवल पैदल चलने के लिये आईफोन जीतना एक बेहतरीन पुरस्‍कार है, लेकिन विपरीत परिस्थितियों में ज्यादा फिट रहना है असली उपलब्धि

पुणे, भगीरथ प्रयास न्यूज़ नेटवर्क ब्यूरो रिपोर्ट :

सिमिलरवेब के डाटा के अनुसार भारत की सबसे तेजी से बढ़ रही फिटनेस एप्लीकेशन स्टेपसेटगो, फ्री फिटनेस एप कैटेगरी में आरोग्य सेतु के बाद दूसरी सबसे एंगेजिंग एप है। इसे लोगों के फिटनेस रूटिन की समस्या को दूर करने के लिये बनाया गया था। स्टेपसेटगो ने फिटनेस को न केवल रिवार्डिंग बनाया है, बल्कि उसे सरल और मजेदार भी बनाया है। यह यूजर द्वारा चले गये प्रत्येक कदम को रिकॉर्ड करती है, खपी हुई कैलोरीज पर नजर रखती है और चली गई दूरी को मापती है। इस ऐप पर आपके द्वारा चले गये हर 1000 कदमों के लिये आपको 1 एसएसजी कॉइन मिलता है। यूजर इन एसएसजी कॉइन्‍स को प्रतिदिन नियमित रूप से चलकर समय के साथ इकट्ठा करता है और ऐप के बाजार सेक्‍शन पर रोमांचक ऑफर्स तथा पूरी तरह से मुफ्त रिवार्ड्स उपलब्‍ध करने के लिए इन एसएसजी कॉइन्‍स को खर्च करता है। बाजार में रोमांचक रिवॉर्ड्स के तौर पर इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स, परिधान, ऑनलाइन कोर्सेस, वेलनेस प्रोडक्ट्स से लेकर पूरी तरह से मुफ्त आईफोन भी मौजूद है। फिटनेस का यह सफर इतना दिलचस्‍प और प्रेरणादायक होता है कि यूजर रू‍टीन का पालन करने लगता है। इस तरह उनमें फिट रहने की आदत विकसित होती है और उनकी लाइफस्टाइल पहले से ज्यादा हेल्‍दी हो जाती है।

इस एप्लीकेशन में एक एरीना सेक्शन भी है, जिसमें यूजर फिटनेस की चुनौतियों के लिये परिवार, दोस्तों, रिश्तेदारों और सहकर्मियों के साथ मुकाबला कर सकता है, जिससे फिटनेस का समुदाय स्‍थापित होता है। स्टेपसेटगो को जनवरी 2019 में लॉन्‍च किया गया था और तब से इसके 5.9 मिलियन से ज्यादा डाउनलोड हो चुके हैं।

हमने यूजर्स का शानदार प्रतिसाद देखा है, जिन्होंने अपनी सफलता और बदलाव की कहानियाँ खुशी से साझा की हैं। हमारे यूजर्स ने कई बार हमें एप के एरीना सेक्शन में नई चुनौतियाँ प्रस्तुत करने की सलाह और प्रेरणा दी है। स्टेपसेटगो के पास सफलता की दर्जनों कहानियाँ हैं, जिनमें लोगों ने अपना वजन कम किया है और रिवार्ड पाया है। हाल ही में स्टेपसेटगो को ऐसे 10 यूजर्स को पुरस्‍कृत करने का अवसर मिला, जो फिट रहने, वजन कम करने के लिये चले और फिर एप्पल आईफोन जीते।

आईये नजर डालते हैं सफलता की कुछ ऐसी ही कहानियों पर

अक्षत सतीजा

मेरी स्‍टेपसेटगो पर अब तक की फिटनेस यात्रा बेहतरीन रही है। इसने मुझे फिट रहने की प्रेरणा दी है और हमेशा ज्यादा फिटनेस की चाह करने वाला बनाया है। इसने मुझे अपने स्वास्थ्य के प्रति ज्यादा समर्पित किया है। मैंने अपने परिवार के सदस्यों, दोस्तों और सहकर्मियों से स्टेपसेटगो में शामिल होने के लिये कहा है। एसएसजी के कारण मेरे पिता ने भी पैदल चलना शुरू किया। यह केवल रिवार्ड या कॉइन्‍स जीतने और प्रोडक्ट खरीदने के बारे में नहीं है, बल्कि आपको अपने फिटनेस रेजिम की डेली लिमिट तक पहुँचाती है और आपको फिट रखती है। इस एप के साथ मैंने साइकलिंग, तेज चलना, जॉगिंग, दौड़ना शुरू किया और स्किपिंग मेरे डेली रूटिन का हिस्सा बन गई। स्टेपसेटगो को अपनाने के बाद फिजिकल एक्टिविटीज के बिना मेरा कोई दिन नहीं बीता। लॉकडाउन के दौरान मैंने इनडोर एक्टिविटीज शुरू कीं और एसएसजी ने भी इनडोर स्टेप्स के लिये फीचर्स में बदलाव कर यूजर्स को सपोर्ट किया। मैराथन में भाग लेने, बैडमिंटन खेलने से फिट रहने की मेरी चाह बढ़ती गई। मैं स्टेपसेटगो को धन्यवाद देता हूँ, जिसके कारण अपनी क्षमता से अधिक कर पाया।

राकेश वर्मा

राकेश वर्मा

शादी के बाद मेरा वजन थोड़ा बढ़ गया था और मैं फिटनेस के लिये ऐसी एप ढूंढ़ रहा था, जो मेरी फिटनेस पर नजर रखे और वजन का नियंत्रण भी करे। मेरे साले साहब ने मुझे स्टेपसेटगो का उपयोग करने की सलाह दी। उस दिन से स्टेपसेटगो मेरी जिन्दगी का हिस्सा बन गई। कुछ दिन, सोने से पहले, अगर मैं कदमों की डेली लिमिट तक नहीं पहुँचता था, तो मुझे नींद नहीं आती थी! उस समय मैंने सोचा कि मुझे यह मेरी फिटनेस के लिये करना ही होगा, रिवार्ड तो अन्य लाभ हैं, जो निरंतरता बनाये रखने के लिये हैं। आखिरकार निरंतरता के लिये मैंने यह उपलब्धि हासिल की। इस अच्छी पहल के लिये स्टेपसेटगो को धन्यवाद। आप भारत को फिट और स्वस्थ रख रहे हो। धन्यवाद!

उमा शंकर रंगनाथन

सबसे पहले तो लोगों को स्वस्थ बनाने और उनकी लगन को पुरस्कृत करने का एक खोजपरक तरीका लाने के लिये स्टेपसेटगो को धन्यवाद। इस रिवार्ड-बेस्ड वॉकिंग एप पर साइन-अप करने के नौवें दिन लेवल 5 पर जाना बहुत अच्छा लगा। इसका कारण था लेवल 5 पर ठहर सकने वाले लोगों के लिये टैग ‘‘स्टेपसेटगो लीजेंड’’।

डेली लिमिट्स और चुनौतियों ने इस कठिन समय में तनाव और अवसाद से दूर रहने में मेरी मदद की। स्वस्थ रहने के लिये पसीना बहाना मुझे अच्छा लगा। पिछले साल एक बार मैं सोकर उठा, तो बुखार जैसा लगा, लेकिन मैं सामान लाने के लिये लगभग एक किलोमीटर पैदल चला। उस छोटी-सी वॉक से मुझे बेहतर महसूस हुआ, लेकिन मैं पूरी तरह ठीक नहीं हुआ था। इस भरोसे के साथ कि पैदल चलने से मुझे अच्छा लगेगा, मैं 2 घंटे तक लगभग 11 कि.मी. पैदल चला और मुझे सचमुच बेहतर लगा और मेरे अगले दिन का रूटिन भी नहीं बिगड़ा।

स्टेपसेटगो के साथ फिट रहें और अपनी लगन का ईनाम भी पायें।

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