केरल के इडुक्की में भारी बारिश से बड़ा भूस्खलन, 12 की मौत, 60 से ज्यादा मजदूर फंसे

तिरुअनंतपुरम, भगीरथ प्रयास न्यूज़ नेटवर्क : केरल के इडुक्की जिले में तीन दिनों से लगातार बारिश के बाद भीषण भूस्खलन में 12 लोगों की मौत हो गई तो 60 अन्य के मलबे में फंसे होने की आशंका है. राजाक्कड़ के चाय बागानों में काम करने वाले मजदूरों की बस्ती भूस्खलन की चपेट में आ गई है.

इडुक्की के जिला कलेक्टर एच दिनेशन ने कहा कि 10 लोगों को निकाला गया है और उन्हें हॉस्पिटल पहुंचाया गया है.उन्होंने यह भी बताया कि भारी बारिश और धुंध की वजह से बचाव कार्य में दिक्कत आ रही है. उन्होंने कहा कि इस दुर्घटना के बारे में तब जानकारी मिली जब सुबह एक मजदूर किसी तरह बाहर निकलकर आया और इराविकुलम नेशनल पार्क के फॉरेस्ट अधिकारियों को जानकारी दी.

राज्य के राजस्व अधिकारी ई चंद्रशेखरन ने कहा, यह बहुत बड़ा हादसा है. यह पहाड़ा इलाका है और मूसलाधार बारिश में कई सड़कें बह गई हैं. घायलों को एयरलिफ्ट करने के लिए हमने एयर फोर्स की मदद मांगी है. हमें बताया गया था कि यह खराब मौसम में मुश्किल होगा.

उन्होंने यह भी बताया कि नेशनल डिजास्टर रिस्पॉंस फोर्स की (एनडीआरएफ) एक टीम मौके पर पहुंच गई है. स्थानीय लोगों ने बताया कि इलाके में पिछले तीन दिनों से भारी बारिश हो रही है. इलाके में बिजली और संचार सेवा बाधित है. इस वजह से बचाव कार्य में देरी हुई है. तड़के जब यह हादसा हुआ उस समय कई लोग गहरी नींद में थे, जिसकी वजह से वे निकल नहीं पाए. इलाके के एक समाजकसेवक पार्थसारथी ने कहा, हमें सूचना है कि वहां करीब 84 लोग रह रहे थे. इनमें से अधिकतर पड़ोसी राज्य तमिलनाडु के हैं. इस बस्ती की आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए यहां एक कैंटीन भी था. उन्होंने कहा कि मृतकों का आंकड़ा बढ़ सकता है.

जिस स्थान पर यह हादसा हुआ है, वह मुन्नार के हिल रिसॉर्ट से 25 किलोमीटर दूर है, जो 2018 में आए बाढ़ में बह गया था. मौसम विभाग ने कोझिकोड, वायनाड और इडुक्की जिले के लिए रेड अलर्ट जारी किया है. पांच अन्य जिलों के लिए ऑरेन्ज अलर्ट जारी किया गया है. कई नदियों में जल स्तर बहुत बढ़ गया है.

Print Friendly, PDF & Email

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *