गैंगस्टर विकास दुबे ने किया सरेंडर, कहा मैं यही हूं विकास दुबे कानपुर वाला

उज्जैन/नई दिल्ली भगीरथ प्रयास न्यूज़ नेटवर्क ब्यूरो रिपोर्ट। कानपुर गोलीकांड के सातवें दिन कुख्यात गैंगस्टर विकास दुबे ने फिल्मी अंदाज में मध्यप्रदेश के उज्जैन स्थित महाकाल मंदिर में आत्मसमर्पण कर दिया है। सूत्रों से मिली खबर के अनुसार विकास दुबे ने महाकाल मंदिर के गॉर्ड से चिल्ला- चिल्लाकर कहा जानते हो मैं विकास दुबे हूं। इसके बाद महाकाल के सुरक्षा गार्डों ने तत्परता दिखाते हुए उसे गिरफ्तार करवा दिया।

खबर से संबंधित वीडियो भी देखें…https://youtu.be/LHvaBHh_hLs

खूनी खेल देखने के बाद फरार हो गए थे एसओ विनय तिवारी और दरोगा केके शर्मा

चौबेपुर के बिकरू गांव में हुए एनकाउंटर में तत्कालीन चौबेपुर एसओ विनय तिवारी और हलका इंचार्ज दरोगा केके शर्मा की गद्दारी पर मुहर लग गई है। आठ पुलिसकर्मियों की मौत के जिम्मेदार यही हैं। आंखों से खूनी खेल देखने के बाद मौके से फरार हो गए थे। पुलिसकर्मियों की शहादत पर ये पुलिसकर्मी खुश हुए थे।

अज्ञात जगह पर विकास दुबे से पूछताछ, कोर्ट से रिमांड के बाद यूपी पुलिस को सौंपा जाएगा

कानपुर गोलीकांड के आरोपी कुख्यात गैंगस्टर विकास दुबे को उज्जैन के महाकाल मंदिर से गिरफ्तार कर लिया गया है। आत्मसमर्पण के इरादे से ही दुबे मंदिर परिसर पहुंचा था। उसने वीवीआईपी दर्शनों की पर्ची में अपना सही नाम और मोबाइल नंबर लिखाया। वहीं आरोपी के उज्जैन से गिरफ्तार होने पर कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने यूपी सरकार को फेल कहा है। उनका कहना है कि यह मिलीभगत की ओर इशारा करता है। इसके अलावा अज्ञात स्थान पर मध्यप्रदेश पुलिस उससे पूछताछ कर रही है। अदालत से रिमांड मिलने के बाद उसे यूपी पुलिस को सौंप दिया जाएगा। यहां पढ़ें सभी अपडेट्स-

170 कैमरों के बीच खुलेआम घूमता रहा विकास दुबे

महाकाल मंदिर परिसर में 170 आधुनिक कैमरे लगे हुए हैं। इसके अलावा यहां हर समय 60 सुरक्षाकर्मी तैनात रहते हैं। गुरुवार सुबह जब मंदिर से विकास को गिरफ्तार किया गया, तब भी वहां भारी संख्या में सुरक्षाकर्मी तैनात थे। हैरानी की बात यह है कि इस सब के बावजूद विकास दुबे मुंह पर मास्क लगाकर खुलेआम घूम रहा था। उसने मंदिर में फोटो भी खिंचवाए और किसी तो खबर तक नहीं लगी।

गैंगस्टर विकास दुबे सात राज्यों की पुलिस को करता रहा गुमराह मिला उज्जैन में हुआ गिरफ्तार

कुख्यात विकास दुबे को पकड़ने के लिए उत्तर प्रदेश, हरियाणा, उत्तराखंड, दिल्ली, और मध्यप्रदेश में अलर्ट जारी किया गया था लेकिन विकास इतना शातिर है कि सात दिनों तक सात राज्यों की पुलिस को गुमराह करता रहा। विकास को पकड़ने के लिए कानपुर के चालीस थानों के पुलिसबल, दस हजार पुलिसकर्मी और यूपी एसटीएफ की सौ से अधिक टीमें, साथ ही प्रदेश का खुफिया विभाग उसकी तलाश करता रहा लेकिन इन सब को गच्चा देकर वो मध्यप्रदेश भाग निकला और फिर बड़ी आसानी से पुलिस की गिरफ्त में आ गया।

2022 का विधानसभा चुनाव लड़ना चाहता था गैंगस्टर

अपनी राजनीतिक पैठ बनाने के लिए विकास दुबे 2022 के विधानसभा चुनाव की तैयारी भी कर रहा था और उसने भाजपा और बसपा दोनों पार्टियों पर अपनी निगाह लगा रखी थी। करीबी सूत्रों के अनुसार वह रनिया से बहुजन समाज पार्टी के टिकट पर इस बार चुनाव को लेकर पूरी तैयारी में था। कुछ दिनों पहले बदमाशों के हाथों मारे गए पिंटू सेंगर और विकास दुबे दोनों अगल-बगल की विधानसभा को लेकर बसपा से ही तैयारी में जुटे थे।

जिसकी पार्टी रहती उसके दमदार नेताओं के संपर्क में रहता था विकास दुबे

विकास दुबे का राजनीतिक इतिहास भी चौंकाने वाला है। यह जिस पार्टी की सरकार रहती है उसी पार्टी के दमदार नेताओं के संपर्क में रहकर अपनी सुरक्षा करता है। सबसे ज्यादा राजनीतिक पकड़ इसको बसपा की सरकार में मिली। तब से लेकर यह सपा के कई प्रमुख नेताओं और भाजपा के भी कुछ नेताओं के संपर्क में रह रहा था, लेकिन भाजपा के एक राष्ट्रीय स्तर के नेता की वजह से भारतीय जनता पार्टी में उसकी घुसपैठ पिछले 2 साल से नहीं हो पा रही थी।

फरीदाबाद से फरार होने में मिली थी गैंगस्टर को सफलता

विकास मंगलवार को फरीदाबाद के एक होटल में देखा गया था, लेकिन पुलिस के पहुंचने से पहले ही वो वहां से ऑटो में बैठकर फरार हो गया।

विकास के दो साथियों को गुरुवार सुबह पुलिस ने किया ढेर

इससे पहले गुरुवार सुबह ही विकास के दो करीबी प्रभात मिश्रा और बऊआ उर्फ प्रवीण को पुलिस ने मुठभेड़ में मार गिराया। प्रभात को पुलिस ने बुधवार को फरीदाबाद से गिरफ्तार किया था। यूपी पुलिस उसे ट्रांजिट रिमांड पर कानपुर ले जा रही थी। रास्ते में प्रभात ने भागने की कोशिश की, उसने पुलिस की पिस्टल छीनकर फायरिंग कर दी। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में प्रभात मारा गया। दूसरी ओर विकास गैंग के ही बऊआ दुबे उर्फ प्रवीण को पुलिस ने इटावा में मार गिराया। दोनों बदमाश दो जुलाई को बिकरू गांव में 8 पुलिसकर्मियों की हत्या में शामिल थे।

मंदिर में आराम से घूमता रहा विकास

गैंगस्टर विकास ने वीवीआईपी दर्शन के लिए पर्ची कटवाने के बाद प्रसाद की एक दुकान पर पहुंचकर अपना बैग रखा। बैग रखने के बाद वह महाकाल मंदिर के एक नंबर गेट से पर्ची दिखाकर दाखिल हुआ। अंदर जाने के दौरान एक सिक्योरिटी गार्ड को शक हुआ तो उसने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज देखे। इस दौरान विकास आराम से मंदिर प्रांगण में घूमता रहा। पुलिस उसकी लोकेशन देखकर मंदिर के अंदर दाखिल हुई और उसे हिरासत में ले लिया।

आत्मसमर्पण के लिए महाकाल पहुंचा था गैंगस्टर

कानपुर के बिकरू गांव में 8 पुलिस कर्मियों की हत्या के बाद फरार हुआ कुख्यात विकास दुबे फरीदाबाद से गायब होने के बाद गुरुवार को अचानक 750 किमी दूर मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित महाकाल मंदिर में नजर आया। यहां उसने सबसे पहले 250 रुपए की पर्ची कटवाई फिर मंदिर में महाकाल के दर्शन किए और फिर चिल्ला चिल्लाकर बोला मैं हूं कानपुर वाला विकास दुबे।

दो अन्य साथी भी हुए गिरफ्तार: मध्यप्रदेश पुलिस

मध्यप्रदेश पुलिस ने कहा कि विकास दुबे उज्जैन में महाकाल मंदिर में वीआईपी पास लेकर दर्शन करने पहुंचा था। उसके दो अन्य साथी भी गिरफ्तार किए गए हैं।

लखनऊ नंबर की गाड़ी से उज्जैन पहुंचा था विकास दुबे

लखनऊ नंबर की गाड़ी से महाकाल जी मंदिर पहुंचा था विकास दुबे। नंबर प्लेट पर हाईकोर्ट लिखा हुआ है। यह गाड़ी मनोज यादव के नाम पर रजिस्टर्ड है। 

दुबे को लाने के लिए जल्द उज्जैन पहुंचेगी यूपी पुलिस

यूपी के अपर पुलिस महानिदेशक (कानून व्यवस्था) प्रशांत कुमार से जब पूछा गया कि क्या यह (दुबे की गिरफ्तारी) उप्र पुलिस और मध्य प्रदेश पुलिस का संयुक्त अभियान था तो उन्होंने जवाब दिया कि नही वहां हमारी टीम मौजूद नही थी। अधिकारी ने कहा कि कानपुर से जांच अधिकारी और पुलिस टीम शीघ्र ही दुबे को लाने के लिए उज्जैन पहुंचेगी।

ट्वीट वॉर शुर- नरोत्तम मिश्रा का प्रियंका गांधी को जवाब

विकास दुबे की गिरफ्तारी के बाद नरोत्तम मिश्रा और प्रियंका गांधी में ट्वीट वॉर शुरू हो गया है। प्रियंका के ट्वीट का जवाब देते हुए मिश्रा ने कहा, ‘ये लोग पाकिस्तान पर सर्जिकल स्ट्राइक और एयर स्ट्राइक पर सवाल उठाते हैं। ये गलवां में भारतीय सेना की जवाबी कार्रवाई पर सवाल उठाते हैं। आज एक कुख्यात अपराधी पकड़ा गया है तो मध्यप्रदेश पुलिस पर सवाल उठा रहे हैं। ये वो हैं जो सेना और पुलिस का मनोबल गिराने का काम करते हैं।’

सात जुलाई को सामने आया था पहला सीसीटीवी फुटेज

सात जुलाई की रात को विकास का फरीदाबाद में पहला सीसीटीवी फुटेज सामने आया था। जहां वो होटल में कमरा लेने गया था। इस दौरान विकास ने अपनी भाभी के यहां शरण ली। फरीदाबाद से गायब होने के बाद विकास 750 किमी दूर मध्यप्रदेश के उज्जैन में नजर आया। यहां उसने महाकाल मंदिर में दर्शन के लिए पर्ची कटवाई फिर मंदिर प्रांगण में घूमता रहा।

विकास दुबे को जल्द ही ट्रांजिट रिमांड पर उज्जैन से उप्र लाएगी पुलिस

उत्तर प्रदेश के कानपुर में आठ पुलिसकर्मियों की हत्या का आरोपी और कुख्यात अपराधी विकास दुबे को मध्यप्रदेश के उज्जैन से ट्रांजिट रिमांड पर यहां लाया जाएगा। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने इसकी जानकारी दी। दुबे को आज मध्यप्रदेश पुलिस ने उज्जैन से गिरफ्तार किया है। अपर पुलिस महानिदेशक (कानून व्यवस्था) प्रशांत कुमार ने कहा कि दुबे को ट्रांजिट रिमांड पर उत्तर प्रदेश लाया जाएगा और कानपुर कांड में शामिल दुबे के गिरोह के सभी सदस्यों को पकड़ने तक हमारा अभियान जारी रहेगा।

पुलिस को पांच दिन तक नहीं मिली थी विकास की लोकेशन

कानपुर गोलीकांड के पांच दिन तक विकास कहां है किसी को पता नहीं था। विकास की आखिरी लोकेशन पुलिस ने औरैया में ट्रेस की थी। इसके बाद विकास का मोबाइल ऑफ हो गया। इस दौरान विकास के उन्नाव, कानपुर देहात, मेरठ, दिल्ली फिल्म सिटी, नेपाल बॉर्डर सहित कई जगहों पर मिलने की आशंका में पुलिस दबिश देती रही।

शिवली गांव में दो दिन छिपा रहा था विकास दुबे

विकास को पकड़ने के लिए कानपुर के चालीस थानों की फोर्स, सात हजार पुलिसकर्मी और यूपी एसटीएफ की सौ से अधिक टीमें उसकी तलाश करती रहीं लेकिन इन सब को गच्चा देकर वो मध्यप्रदेश भाग निकला और फिर बड़ी आसानी से पुलिस की गिरफ्त में आ गया। सबसे मजे की बात ये कि विकास कानपुर एनकाउंटर की घटना को अंजाम देने के बाद वो घटनास्थल से महज पांच किमी दूर शिवली गांव में दो दिन छिपा रहा और पुलिस पूरे प्रदेश में उसे ढूंढती रही।

तीन जुलाई को यूपी पुलिस ने मुठभेड़ में विकास के दो साथियों का मार दिया था

तीन जुलाई को यूपी पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान विकास के दो साथियों को बिकरू के पास जंगलों में छह घंटे बाद मार गिराया। यूपी डीजीपी ने प्रदेश के 75 जिलों में विकास को पकड़ने के लिए अलर्ट जारी किया था। सीएम योगी ने कानपुर पहुंच कर आठ पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि दी एवं शहीद के परिजनों से मुलाकात की थी। शुरुआती जांच में चौबेपुर एसओ की भूमिका को संदिग्ध पाते हुए सस्पेंड कर दिया गया था।

बंदूक के दम पर विकास ने जबरन कराई थी अपने ‘राइट हैंड’ अमर की शादी

कानपुर एनकाउंटर के बाद पुलिस के साथ हमीरपुर एनकाउंटर में मारे गए अमर दुबे की 29 जून को शादी बंदूक के दम पर दहशतगर्द विकास दुबे के किलेनुमा घर में हुई थी। आवारापन और दर्ज केसों की जानकारी के बाद युवती के घरवालों ने शादी से इंकार कर दिया था तो विकास ने दबाव डालकर शादी करवा दी।

अधिकारियों को अय्याशी करवाता था विकास दुबे का करीबी जय

विकास दुबे का खजांची जय बाजपेई पूर्व में शहर में तैनात एक आलाधिकारी का बहुत करीबी था। उनकी अधिकतर जरूरतें वही पूरी करता था। हाल ही में उस अधिकारी का बिठूर में फार्म हाउस भी बनवाना शुरू कर दिया था। पुलिस सूत्रों के अनुसार आलाधिकारी की तैनाती के बाद जय एक करीबी विधायक के जरिए उनके संपर्क में आया। उसने अधिकारियों के लिए एक बंगले में अय्याशी का भी पूरा इंतजाम कर रखा था।

शहडोल के बुढ़ार से विकास के साले को भी ले गई एसटीएफ

विकास दुबे की तलाश में जुटी यूपी एसटीएफ बुधवार को दोबारा शहडोल जिले के बुढ़ार पहुंची और उसके साले ज्ञानेंद्र निगम उर्फ राजू उर्फ राजू खुल्लर को ले गई। एक दिन पहले यूपी एसटीएफ राजू के बेटे 20 वर्षीय आदर्श उर्फ महेंद्र निगम को भी अपने साथ ले गई थी।

उज्जैन से विकास की गिरफ्तारी पर प्रियंका ने यूपी सरकार को बताया फेल

गैंगस्टर विकास दुबे की गिरफ्तारी को लेकर कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने कहा कि आरोपी का उज्जैन पहुंचना मिलीभगत की ओर इशारा करता है। उन्होंने ट्वीट कर कहा, ‘कानपुर के जघन्य हत्याकांड में यूपी सरकार को जिस मुस्तैदी से काम करना चाहिए था, वह पूरी तरह फेल साबित हुई। अलर्ट के बावजूद आरोपी का उज्जैन तक पहुंचना, न सिर्फ सुरक्षा के दावों की पोल खोलता है बल्कि मिलीभगत की ओर इशारा करता है। तीन महीने पुराने पत्र पर ‘नो एक्शन’ और कुख्यात अपराधियों की सूची में ‘विकास’ का नाम न होना बताता है कि इस मामले के तार दूर तक जुड़े हैं। यूपी सरकार को मामले की सीबीआई जांच करा सभी तथ्यों और प्रोटेक्शन के ताल्लुकातों को जगजाहिर करना चाहिए।’

जिला पंचायत और प्रधानी के चुनाव का विरोध करने वालों को करता था प्रताड़ित

बिकरू गांव में रोली शुक्ला और उनके पति को मार्च में विकास और उसके गुंडों ने घर में घुसकर पीटा था। विरोध करने पर रोली के पति को बांधकर उल्टा लटका दिया। बिल्हौर के शिवबचन बताते हैं कि जिला पंचायत और प्रधानी के चुनाव में विरोध करने वालों को दुबे अपने घर में कैद कर प्रताड़ित करता था। ऐसे में लोग उसका विरोध करने से डरने लगे थे।

प्रिंसिपल को मारकर खून हाथों में मला था

विकास दुबे बेहद क्रूर हत्यारा रहा है। 1992 से 2020 तक जो भी उसके आड़े आया, विकास ने उसे मार दिया। हर हत्या क्रूरता की हदें पार करने वाली थी। विकास जिस स्कूल में पढ़ा था, उसके ही प्रिंसिपल की वीभत्स हत्या कर दी थी। बुजुर्ग सिद्धेश्वर पांडेय दुहाई देते रहे, लेकिन उसने एक न सुनी। हत्या के बाद उसने पांडेय का खून अपने हाथों पर भी मला था। पांडेय के बेटे राजेंद्र कहते हैं कि विकास ने उनके पिता को तड़पा-तड़पाकर मारा था।

 विकास की लाल डायरी से हो सकते हैं काफी खुलासे

संतोष शुक्ला के भाई मनोज ने कहा था, ‘प्रशासनिक तंत्र ने विकास की मदद की। इसलिए अपराध की दुनिया का पौधा वटवृक्ष बन गया। मैं न्याय की गुहार लगता रहा, लेकिन तत्कालीन राजनीतिक परिस्थितियां विकास के पक्ष में थीं। मेरी कहीं सुनवाई नहीं हुई। कुछ मंत्री विकास की मदद कर रहे थे। विकास के पास एक लाल डायरी है। इसमें वह अपने खास अधिकारियों, नेताओं और उनसे जुड़े लोगों का हिसाब रखता है। अगर पुलिस को डायरी मिलती है तो काफी खुलासे हो सकते हैं।’

अज्ञात जगह पर हो रही है पूछताछ

मध्यप्रदेश पुलिस गैंगस्टर विकास दुबे से अज्ञात जगह पर पूछताछ कर रही है। अदालत से रिमांड मिलने के बाद उसे यूपी पुलिस को सौंप दिया जाएगा।

किलेनुमा मकान में बंकर भी बना रखा था, पुलिस पर एके 47 से चलाईं गोलियां

विकास का मकान चारों ओर से 20 फीट ऊंची और मोटी चहारदीवारी से घिरा हुआ था। दीवारों पर कंटीले तार भी थे। मकान में उसने बंकर बना रखा था, जबकि निगरानी के लिए उसने 50 सीसीटीवी कैमरे लगा रखे थे। प्रशासन की कार्रवाई से पहले घटनास्थल पर बाहरी लोगों के जाने पर पुलिस ने रोक लगा दी थी।

आठ पुलिसवालों के हत्यारे का घर तोड़ा, तलाश में 100 टीमें

उत्तर प्रदेश के कानपुर में पकड़ने गई टीम के 8 पुलिसवालों की हत्या के मामले में वांछित अपराधी विकास दुबे का बिकरु गांव में स्थित मकान ढहा दिया गया था। बीते शनिवार सुबह प्रशासन की टीम ने उसी जेसीबी से उसके घर को ढहा दिया जिससे उसने पुलिस का रास्ता रोका था। इसके साथ ही विकास के मकान में खड़े ट्रैक्टर सहित 60 लाख की कीमत वाली दो एसयूवी गाड़ियां भी तोड़ दी थीं।

एनकाउंटर के डर से आत्मसमर्पण करना चाहता था विकास दुबे 

महाकाल मंदिर के पुजारी आशीष ने बताया कि पुलिस द्वारा एनकाउंटर में मारे जाने के डर से विकास दुबे आत्मसमर्पण करना चाहता था। मंदिर परिसर पहुंचने के बाद वो चिल्ला चिल्लाकर कहने लगा कि वह ही विकास दुबे है। उसने महाकाल मंदिर के सुरक्षाकर्मियों से कहा कि पुलिस को उसके बारे में सूचना दी जाए। 

यूपी में पुलिस पर पहले भी हो चुके हैं हमले; पर पुलिस ने नकेल भी कसी

जुलाई 2016 में मथुरा के जवाहरबाग भूमाफिया रामवृक्ष यादव से जमीन खाली कराने पहुंची पुलिस पर हमला हुआ था। एएसपी मुकुल द्विवेदी व एसओ संतोष कुमार शहीद हुए थे। मार्च 2013 में प्रतापगढ़ के कुंडा में हमला हुआ, सीओ जियाउल हक को मार दिया गया। 20 मार्च 2017 से एक जुलाई मध्य सूबे में पुलिस और अपराधियों के बीच 6143 मुठभेड़ हुई हैं। इस दरमियान पुलिस ने 13241 अपराधियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। पुलिस की गोली लगने से 2250 से अधिक अपराधी घायल हुए और 113 बदमाशों को पुलिस ने मौत के घाट भी उतारा।

दुबे के गैंग के पांच लोगों को पुलिस ने मार गिराया

दो जुलाई की रात पुलिस टीम पर हमले के बाद से पुलिस ने अब तक उसके गैंग के पांच लोगों को मार गिराया है, जबकि खाकी से गद्दारी करने वाले तीन पुलिसकर्मियों समेत कई अन्य पुलिस की गिरफ्त में हैं।

ढह गया पांच लाख के इनामी विकास दुबे का साम्राज्य

चौबेपुर में आठ पुलिसकर्मियों की हत्या करने वाला मोस्टवांटेड विकास दुबे का आपराधिक साम्राज्य ढहने लगा है। हत्याकांड के बाद से फरार चल रहे विकास दुबे को गिरफ्तार कर लिया गया है। उसके गुर्गे एक-एक कर ढेर हो रहे हैं। हमीरपुर में राइट हैंड अमर दुबे को मारने के बाद गुरुवार को यूपी एसटीएफ ने उसके दो और खास गुर्गों प्रभात मिश्रा उर्फ कार्तिकेय और प्रवीण उर्फ बब्बन दुबे को कानपुर और इटावा में हुए मुठभेड़ में मार गिराया गया।

बड़ा सवाल: आखिर उज्जैन कैसे पहुंचा विकास दुबे?

बुधवार को फरीदाबाद और एनसीआर में लोकेशन मिलने के बाद आखिर वह उज्जैन कैसे पहुंचा यह बड़ा सवाल है। हालांकि अब उज्जैन पुलिस उससे पूछताछ कर रही है। यूपी पुलिस के पहुंचते ही उसकी ट्रांजिट रिमांड की कार्रवाई की जाएगी। उम्मीद है थोड़ी देर में ही उज्जैन पुलिस इसका खुलासा करेगी कि वह यहां कैसे पहुंचा।

पुलिस स्टेशन में घुसकर मंत्री की हत्या करने का लगा था आरोप

राज्यमंत्री का दर्जा प्राप्त संतोष शुक्ला 11 नवंबर 2001 को कानपुर के थाना शिवली गए थे। आरोप है कि जैसे ही वे थानेदार के कमरे से निकले, विकास ने उनकी गोली मारकर हत्या कर दी थी। सबूतों, गवाहों की कमी से आरोप सिद्ध नहीं हो सके और वह बरी हो गया।

विकास की मां बोली- बेटे को गोली मार दो

विकास की मां सरला दुबे बताती हैं कि विकास विधायक बनना चाहता था। इसी चाह में अपराध की ओर बढ़ गया। उसने बहुत गलत किया है, पुलिस अगर उसे पकड़ लेती है, तो उसे गोली मार दे।

एमपी पुलिस को विकास दुबे की गिरफ्तारी पर बधाई देता हूं: शिवराज

शिवराज सिंह चौहान ने गैंगस्टर की गिरफ्तारी पर कहा, ‘मैं एमपी पुलिस को विकास दुबे की गिरफ्तारी के लिए बधाई देता हूं। मैं लगातार यूपी के अधिकारियों के संपर्क में हूं और यूपी के सीएम आदित्यनाथ से भी बात की है। आगे की जांच के लिए, उसे यूपी पुलिस को सौंप दिया जाएगा। दोनों राज्यों की पुलिस समन्वय में काम करेंगी।’

हम भी अलर्ट पर थे: गुप्तेश्वर पांडे 

बिहार के डीजीपी गुप्तेश्वर पांडे ने गैंगस्टर दुबे की गिरफ्तारी पर कहा, ‘विकास दुबे की गिरफ्तारी पर मध्यप्रदेश पुलिस को सलाम और बधाई। हम भी अलर्ट पर थे। अगर वह यहां आया होता तो हम भी उसे पकड़ लेते। वह बिहार नहीं आया क्योंकि मैंने कहा था कि अगर वह यहां आता है, तो वह बच नहीं पाएगा।’

एक एसआई व सिपाही ने बाथरुम में छुपकर बचाई थी जान

पांच पुलिसकर्मियों ने घर के पीछे बने अधूरे शौचालय में छिपने की कोशिश की, पर बच नहीं पाए। एक एसआई व सिपाही ने एक घर के बाथरुम में सुबह सात बजे तक छिपे रहकर जान बचाई थी।

मुठभेड़ में मारे गए थे दुबे के मामा और चचेरा भाई 

कानपुर गोलीकांड के बाद एक अन्य मुठभेड़ में दुबे के मामा और चचेरे भाई को पुलिस ने ढेर कर दिया था। वहीं शहीद पुलिसकर्मियों में 3 सब इंस्पेक्टर और 4 सिपाही शामिल हैं। दुबे के खिलाफ 60 से अधिक गंभीर अपराधों के मामले दर्ज हैं। 

उज्जैन से गिरफ्तारी हुआ विकास दुबे: मिश्रा

जब मिश्रा से सवाल किया गया कि क्या महाकाल मंदिर में दुबे की गिरफ्तारी हुई है तो उन्होंने कहा, ‘मंदिर के बाहर-अंदर को बीच में न लाएं पर उज्जैन में गिरफ्तारी हुई है।’ पुजारी एवं कुछ लोगों ने उसका चेहरा पहचाना और उसके बाद पुलिस को सूचना दी या पुलिस ने सीधे उसे गिरफ्तार किया के सवाल पर मिश्रा ने कहा, ‘इंटेलीजेंस की बात भी बताएंगे। पहले हमें इसके मर्म तक आने दो। बाकी चीजें बाद में बताएंगे, पहले पता करने दो।’

महाकाल मंदिर में लखन यादव नाम के गार्ड ने गैंगस्टर विकास दुबे को पहचाना और उसे पुलिस को सौंप दिया।

ये आत्मसमर्पण है या गिरफ्तारी: अखिलेख यादव

उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेख यादव ने विकास दुबे की गिरफ्तारी को लेकर कहा, ‘खबर आ रही है कि ‘कानपुर-कांड’ का मुख्य अपराधी पुलिस की हिरासत में है। अगर ये सच है तो सरकार साफ करे कि ये आत्मसमर्पण है या गिरफ्तारी। साथ ही उसके मोबाइल की सीडीआर सार्वजनिक करे जिससे सच्ची मिलीभगत का भंडाफोड़ हो सके।’

हत्या के प्रयास के मामले में दुबे को गिरफ्तार करने पहुंची थी पुलिस

उत्तर प्रदेश पुलिस हत्या के प्रयास के मामले में दुबे को गिरफ्तार करने उसके गांव विकरू में गई थी। डीजीपी एचसी अवस्थी ने आशंका जताई थी कि दुबे को दबिश की सूचना पहले ही मिल गई होगी। 

गैंगस्टर ने पुलिस को घेरकर चलाई थीं गोलियां

यूपी के कानपुर में बीते गुरुवार की रात गैंगस्टर विकास दुबे और उसके गुंडों ने पुलिस टीम को घेरकर डीएसपी सहित 8 पुलिसकर्मियों की हत्या कर दी थी। जबकि हमले में सात पुलिसकर्मी घायल हो गए थे। यह राज्य में पहली बार पुलिस को किसी मुठभेड़ में हुआ इतना बड़ा नुकसान था।
हमारी सरकार किसी भी अपराधी को नहीं बख्शेगी: शिवराज 

मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने दुबे की गिरफ्तारी को लेकर कहा, ‘जिनको लगता है कि महाकाल की शरण में जाने से उनके पाप धुल जाएंगे उन्होंने महाकाल को जाना ही नहीं। हमारी सरकार किसी भी अपराधी को बख्शने वाली नहीं है।’

कानपुर गोलीकांड में शहीद हुए थे आठ पुलिसकर्मी

विकास दुबे पर आठ पुलिसकर्मियों की हत्या का आरोप है। कानपुर के बिकरू गांव में विकास दुबे को पकड़ने गई पुलिस टीम पर उसके आदमियों ने हमला कर दिया था, जिसमें आठ पुलिसकर्मी शहीद हो गए थे। इसके बाद से विकास दुबे फरार था और यूपी पुलिस उसको ढूंढने में लगी थी।

गिरफ्तारी के बाद बोला- मैं विकास दुबे हूं

मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा गिरफ्तारी के बाद विकास दुबे ने कहा, ‘मैं विकास दुबे हूं, कानपुर वाला।’

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