दिल्ली महाराष्ट्र की बङी खबरें

पेट्रोल की बढ़ती कीमतों का विरोध करने सड़क पर उतरे कांग्रेसी

सुल्तानपुर। भगीरथ प्रयास न्यूज़ नेटवर्क। पेट्रोल की बढ़ती कीमतों का विरोध करने सड़क पर उतरे कांग्रेसी। सरकार विरोधी नारा लगाते हुए पेट्रोल की बढ़ी कीमतों को कम करने की मांग को लेकर सड़क पर उतरे है कांग्रेसी। बारिश भी कांग्रेसियों के मजबूत इरादों को नही पाई तोड़। झमाझम हो रही बारिश के बावजूद सड़क नारा लगाया रहे कांग्रेसी।बारिश में भी सड़क पर उतर नारा लगाते हुए नगर का भृमण कर रहे कांग्रेसी।

केजरीवाल सरकार ने लिया मेडिकल स्टाफ का कार्यकाल बढ़ाने का निर्णय

नई दिल्ली. दिल्ली में तेजी से फैल रहे कोरोना वायरस के संक्रमण को देखते हुये हेल्थ सिस्टम को मजबूत करने केजरीवाल सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है. दिल्ली में डॉक्टर की किल्लत को देखते हुए सरकार अब मेडिकल स्टाफ का कार्यकाल बढ़ा रही है.

कोरोना महामारी के मद्देनजर सामने आ रही डॉक्टर्स की किल्लत को ध्यान में रखते हुए रेजिडेंट डॉक्टर्स का कार्यकाल बढ़ाने या सरकार द्वारा मंज़ूर रिक्त पदों पर नियुक्त करने का निर्देश सरकार ने दिया है. दिल्ली सरकार ने स्वास्थ्य विभाग के तहत आने वाले सभी अस्पतालों और मेडिकल संस्थानों को ये आदेश जारी कर दिया है.

नए फैसले के अनुसार दिल्ली सरकार के अधीन आने वाले सभी अस्पतालों और मेडिकल इंस्टीट्यूट्स के एमएस, एमडी, डीन या डायरेक्टर्स को कहा गया है कि वे अपने यहां काम कर रहे उन सभी सीनियर रेजिडेंट और जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर्स का कार्यकाल छह महीने के लिए बढ़ाएं, जो अगले कुछ दिनों में अपने तीन साल और एक साल का कार्यकाल पूरा करने वाले हैं. या फिर जो मंजूर रिक्त पद हैं उनपर नए डॉक्टर न मिलने की स्थिति में ऐसे सीनियर रेजिडेंट या जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर को नियुक्त करें, जो अपना रेसिडेंसी टेन्योर पूरा कर चुके हो.

गौरतलब है कि नई दिल्ली में कोरोना मरीजों का आंकड़ा तेजी से बढ़ रहा है. बीते 24 घंटे में दिल्ली में करीब 4 हजार लोगों में कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई है. साथ ही कोरोना वायरस संक्रमित मरीजों की संख्या 70,000 का आंकड़े को पार कर चुकी है. वहीं कोरोना के संक्रमण से अब तक 2 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो गई है.

कौन हैं मरीना कुंवर, ज‍िन्हें लेकर सोनू न‍िगम ने भूषण कुमार से कहा-पोस्ट कर दूंगा वो तेरा वीडियो

नई द‍िल्ली. बॉलीवुड में फ‍िल्म माफ‍िया की चर्चा के बाद म्यूज‍िक माफ‍िया को लेकर सोनू न‍िगम ने अब मोर्चा खोल द‍िया है, उन्होंने आत इंस्टाग्राम पर एक वीड‍ियो पोस्ट करते हुए टी सीरीज के मालिक भूषण कुमार से कहा क‍ि भूषण कुमार – तूने गलत आदमी से पंगा लिया, पोस्ट कर दूंगा वो तेरा वीडियो….

यहां सोनू निगम ने अपने वीडियो में भूषण कुमार को धमकी दी है कि अगर वे अब भी नहीं समझते तो वे मरीना कुंवर का वीडियो यू-ट्यूब चैनल पर अपलोड कर देंगे. सोनू के इस वीडियो के वायरल होते ही मरीना अचानक से सुर्खियों में आ गई हैं. टीवी एक्ट्रेस और मॉडल मरीना तीन साल पहले उस वक्त भी चर्चा में आईं थीं जब उन्होंने डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम की अय्याशियों का खुलासा किया था. जब राम रहीम को जेल भेजा गया तब मरीना कुंवर ने राम रहीम की करतूतों का चिट्ठा खोला था. मरीना ने बताया था कि राम रहीम ने उसे फिल्म दिलाने के बहाने गलत तरीके से टच किया था और गुफा में ले गया था.

सीआईडी में कर चुकीं हैं काम मरीना कुंवर

बात अगर मरीना के वर्क की करें तो उन्हें सीआईडी, आहट, शपथ, जग्गू दादा देखा गया था. 2017 में यह भी खबरें आई थीं कि वे अक्षय कुमार के साथ मिलियन डॉलर बेबी के हिन्दी रीमेक में नजर आएंगी, हालांकि यह प्रोजेक्ट आगे नहीं बढ़ सका. मॉडलिंग कर चुकीं मरीना बोल्ड फोटोशूट के लिए भी जानी जाती हैं.

देश के मशहूर प्लेबैक सिंगर सोनू निगम ने हाल ही एक वीडियो जारी कर बॉलीवुड के एक अभिनेता पर तंज कसा और साथ ही म्यूजिक इंडस्ट्री में भी खेमेबाजी के होने का आरोप लगाया, हालांकि इस दौरान उन्होंने किसी का नाम नहीं लिया. सोनू ने आज सोमवार सुबह इंस्टाग्राम पर एक वीडियो साझा किया, जिसके कैप्शन में उन्होंने लिखा. “लातों के माफिया बातों से नहीं मानते.”

वीडियो में वह कहते हैं, “भूषण कुमार, अब तो तेरा नाम लेना ही पड़ेगा मुझे. और अब तू तू के लायक है, तूने गलत आदमी से पंगा ले लिया.”

सोनू आगे कहते हैं, “तू भूल गया वो टाइम जब तू मेरे घर पे आके भाई भाई मेरी एल्बम कर दो. भाई ‘दीवाना’ कर दो. भाई, स्मिता ठाकरे से मिलवा दो, बाल ठाकरे से मिलवा दो. अबू सलेम से बचा लो. अबू सलेम गालियां दे रहा है.. याद है ना? याद है कि नहीं ये सब चीजें? मैं तुझे कह रहा हूं मेरे मुंह मत लगना अब तू बस.”

सोनू ने आगे यह भी कहा, “मरीना कवर याद है ना? वो क्यों बोली, वो क्यों बैक आउट किया ये मुझे नहीं पता. मीडिया को पता है माफिया किस तरह से फंक्शन करता है. उसका वीडियो मेरे पास पड़ा है. अब अगर तूने मेरे से पंगा लिया, तो वो वीडियो मैं अपनी यूट्यूब चैनल में डाल दूंगा. समझा? मेरे मुंह मत लगना.”

सीबीएसई की दसवीं एवं बारहवीं की 1 से 15 जुलाई से बीच होने वाली बोर्ड परीक्षायें रद्द

नई दिल्ली. सीबीएससी 10वीं एवं 12वीं की 1 से 15 जुलाई से बीच होने वाली बोर्ड परीक्षाओं को रद्द कर दिया गया है. इस मसले पर सुप्रीम कोर्ट में चली सुनवाई के दौरान भारत सरकार के सॉलिसिटर जनरल ने कहा कि एक से 15 जुलाई के बीच प्रस्तावित परीक्षा रद्द कर दी गई है.

उन्होंने कहा कि दिल्ली, महाराष्ट्र और तमिलनाडु जैसे कई राज्यों ने परीक्षा आयोजित कराने में असमर्थता जताई थी. उन्होंने कहा कि फिलहाल एक से 15 जुलाई के बीच होने वाली परीक्षा रद्द की जा रही है. उन्होंने कहा कि जब स्थिति बेहतर होगी तब सीबीएसई परीक्षा करवाएगा.

सीबीएसई बोडज़् की लंबित परीक्षाएं 1 जुलाई से 15 जुलाई तक होनी थीं. मगर एग्जाम रद्द करने को लेकर कुछ पेरेंट्स ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी, जिसके बाद कोर्ट ने सीबीएसई से पूछा था, कि क्या परीक्षाएं रद्द की जा सकती हैं. इसी के बाद अब बोर्ड ने अपना जवाब दाखिल करते हुए कोर्ट को दसवीं और बारहवीं की बची परीक्षाएं रद्द करने के फैसले की जानकारी दी. स्थिति सामान्य होने पर 12वीं की परीक्षाएं कराई जा सकती हैं.

अब स्टूडेंट्स के बीच जल्द ही नतीजे आने की उम्मीद भी परवान चढऩे लगी है. दरअसल, सीबीएसई बोर्ड ने लॉकडाउन से पूर्व हो चुके पेपर की कॉपियों के मूल्यांकन का काम पहले ही शुरू कर दिया था. अब जबकि बची परीक्षाएं रद्द कर दी गई हैं तो माना जा रहा है कि बोर्ड जुलाई के अंत तक परिणाम की घोषणा कर देगा.

केंद्रीय आवास मंत्रालय जल्द ही मॉडल टेनेंसी कानून पर कैबिनेट की मंजूरी चाहता है!

मुंबई. ऐसा प्रतीत होता है की भारत सरकार इन दिनो आवास की समस्या को बहुत गम्भीरता से ले रही है.इन दिनो मंत्रालय के गलियारों से कुछ न कुछ सकारत्मक खबरें रोज ही मिल रही हैं.हाउसिंग एंड अर्बन अफेयर्स मंत्रालय के सचिव श्री दुर्गा शंकर  मिश्रा ने मंगलवार को कहा है कि मंत्रालय जल्द ही किराये के मकान को प्रोत्साहन देने के लिए कैबिनेट के संपर्क में है ताकि मॉडल टेनेंसी कानून को मंजूरी मिल सके. सीआईआई और संपत्ति सलाहकार सेल  द्वारा आयोजित एक वेबिनार को संबोधित करते हुए, उन्होंने कहा कि सरकार जल्द ही शहरी गरीबों और प्रवासियों के लिए अफोर्डेबल रेंटल हाउसिंग कॉम्प्लेक्स  के विस्तृत दिशानिर्देशों के साथ सामने आएगी.

मिश्रा ने यह भी कहा कि 14 राज्यों के 2,000 से अधिक शहरों में ऑनलाइन बिल्डिंग परमिशन पहले से ही कार्यशील हो गए हैं और अगले साल मार्च तक सभी 4,400 शहरों में लागू कर दिए जाएंगे.

सचिव ने कहा कि अचल संपत्ति का पुनरुत्थान आवश्यक था और यह जल्द ही होगा क्योंकि क्षेत्र तेजी से शहरीकरण के कारण विकास के बड़े अवसर उपलब्ध कराना चाहता है.

मिश्रा ने कहा कि किफायती आवास की मांग और आपूर्ति में वृद्धि हुई है, जो केंद्र सरकार द्वारा प्रदान की जाने वाली कर सहायता और ब्याज सब्सिडी से प्रेरित है.

उन्होने 2011 की जनगणना की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि देश में 1.1 करोड़ घर खाली हैं, उन्होंनेआगे यह भी  कहा कि किराये के आवास में व्यापार के बड़े अवसर हैं.

मिश्रा ने कहा कि मंत्रालय ने मॉडल टेनेंसी कानून को अंतिम रूप दे दिया है और जल्द ही इसे “कैबिनेट के सामने रखा जाएगा”.

सचिव ने उम्मीद जताई कि सभी राज्य इस मॉडल कानून को अपनाएंगी  जो किराये के आवास खंड को पारदर्शी और जवाबदेह बनाने में मील का पत्थर साबित होगा.

उन्होंने कहा कि मॉडल कानून मकान मालिकों और किरायेदारों दोनों के अधिकारों को संतुलित करता है.

मंत्रालय ने जुलाई 2019 में ड्राफ्ट मॉडल टेनेंसी कानून को लागू किया था, जिसमें प्रस्तावित किया गया था कि भूस्वामियों को किराया में बदलाव करने से तीन महीने पहले लिखित में नोटिस देना होगा. इसने एक जिला कलेक्टर को इस कार्य के लिए नोडल अधिकारी  के रूप में नियुक्त करने और किरायेदारों पर भारी जुर्माना लगाने की वकालत की है.

शहरी गरीबों और प्रवासियों के लिए एआरएचसी नीति पर, बोलते हुए मिश्रा ने कहा कि मंत्रालय जल्द ही इस योजना के विस्तृत दिशानिर्देशों के साथ आएगा, जिसे वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने COVID-19 से निपटने के लिए 20 लाख करोड़ रुपये के आर्थिक पैकेज के हिस्से के रूप में घोषित किया था.

सचिव ने कहा कि मंत्रालय ध्वनि व्यापार मॉडल का प्रस्ताव रखेगा और इस योजना के तहत डेवलपर्स को अतिरिक्त मंजिल क्षेत्र अनुपात की अनुमति देगा. “यह हर किसी के लिए एक फायदे का सौदा होगा.”

सेविंग्स इंडिया के सीईओ अनुराग माथुर ने कहा कि कार्यालय, वेयरहाउसिंग और ऑनलाइन रिटेल सेगमेंट सबसे कम प्रभावित हैं और यह तेजी से ठीक होना चाहिए.

उन्होंने कहा कि लक्जरी आवासीय और हॉस्पिटालिटी सेक्टर बुरी तरह प्रभावित हुआ है.

आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय ने प्रवासी मजदूरों और शहरी गरीबों के लिए एआरएचसी को बढ़ावा देने के लिए एक योजना शुरू की है, जो औद्योगिक क्षेत्र के साथ-साथ गैर-औपचारिक शहरी अर्थव्यवस्था में अपने कार्यस्थल के करीब रहने, गरिमापूर्ण और योजनाबद्ध आवास तक पहुंच प्रदान कर सके.

इस पहल का लाभ प्रवासी, औद्योगिक क्षेत्र में शहरी गरीब, सेवा उद्योग, विनिर्माण क्षेत्र, संस्थान, और संघ, आदि को मिल सकेगा.

सरकार दो मॉडल का उपयोग करके किफायती किराए पर रहने की सुविधा प्रदान करने के लिए पीएमएवाई के तहत योजना शुरू करेगी – पहला, मौजूदा आवास स्टॉक को एआरएचसी के रूप में उपयोग करना; और दूसरा, एआरएचसी के निर्माण के लिए निजी / सार्वजनिक एजेंसियों को प्रोत्साहित करना है.

अब तो समय ही बतायेगा की यह पहल किस हद तक कारगर साबित होगा.

पुणे रेल मंडल द्वारा 1 लाख95 हजार से ज्यादा यात्रियों को रिफंड दिया गया

पुणे। भगीरथ प्रयास न्यूज़ नेटवर्क ब्यूरो रिपोर्ट। कोविड-19 के दौरान 22 मार्च से रेलगाड़ियां रद्द कर दी गई थी जिसके लिए यात्रियों को उनके टिकट की पूरी राशि वापस करने का निर्णय रेल प्रशासन द्वारा लिया गया है। इसी कड़ी में पुणे रेल मंडल ने भी अपने क्षेत्राधिकार में आने वाले रिजर्वेशन कार्यालयों से रेल टिकटों की धनवापसी (रिफंड) 25 मई से शुरू की है। पुणे, चिंचवड़, तलेगांव, बारामती, कोल्हापुर,मिरज, सांगली, सातारा, तथा कराड स्टेशनों पर स्थित रेल आरक्षण कार्यालयों ने रद्द रेल टिकट की धनवापसी (रिफंड) करते हुए यात्रियों को राहत दी है।

25 मई से शुरू की गई धन वापसी की प्रक्रिया के तहत पुणे रेल मंडल द्वारा एक माह में 1 लाख 95 हजार से ज्यादा यात्रियों के टिकट रद्द करते हुए लगभग 12 करोड़ 83 लाख की राशि का भुगतान किया जा चुका है। रद्द की गई गाड़ियों के टिकट की धनवापसी का सिलसिला निरंतर जारी है। रेल प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि ऐसे टिकट की धनवापसी यात्रा की तिथि से 6 महीने तक ली जा सकती है। यह जानकारी मध्य रेल पुणे मंडल के जनसंपर्क अधिकारी मनोज झंवर ने दी है.

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