कोरोना वायरस फैलाने वाले जमातियों को 7 हजार रुपये के हर्जाने पर जमानत, विश्व हिन्दू परिषद आग बबूला

नई दिल्ली। भगीरथ प्रयास न्यूज़ नेटवर्क। विश्व हिंदू परिषद (विहिप)ने निजामुद्दीन मरकज मामले में तबलीगी जमात से जुड़े लोगों को अदालत से जमानत दिए जाने पर सवाल खड़ा किया है। विहिप ने कहा कि वीजा नियमों के उल्लंघन सहित तमाम अन्य मामलों के आरोपी विदेशी नागरिकों को महज 7 हजार रुपए के हर्जाने पर छोड़ दिए जाना वाला फैसला हजम नहीं हो रहा है।
विश्व हिंदू परिषद (विहिप)ने निजामुद्दीन मरकज मामले में तबलीगी जमात से जुड़े लोगों को अदालत से जमानत दिए जाने पर सवाल खड़ा किया है। विहिप ने कहा कि वीजा नियमों के उल्लंघन सहित तमाम अन्य मामलों के आरोपी विदेशी नागरिकों को महज 7 हजार रुपए के हर्जाने पर छोड़ दिए जाना वाला फैसला हजम नहीं हो रहा है।

विहिप प्रवक्ता विनोद बंसल ने ट्वीटकर कहा, ’60 मलेशियाई तबलीगी जमातियों पर वीजा नियमों का उल्लंघन,कोरोना महामारी फैलाने और सरकारी आदेशों को नहीं मानने का आरोप था,फिर भी महज 7 हजार रुपए के जुर्माने पर छोड़ दिया गया।

कितना सहृदय है हमारा देश और कानून,कोरोना साद की गिरफ्तारी क्यों नहीं।’ उन्होंने कहा कि इस मामले में किंगपिन मौलाना साद की गिरफ्तारी क्यों नहीं की जा रही है। आखिर ये लुकाछिपी का खेल कब तक चलता रहेगा।

साढ़े तीन महीने में भी साद की गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई

बंसल ने कहा कि विकास दुबे की गिरफ्तारी 150 घंटे में हो गई,लेकिन मौलाना साद की गिरफ्तारी साढ़े तीन महीने में भी नहीं हो पा रही है। बतादें कि निजामुद्दीन मरकज मामले में शुक्रवार को 70 बांग्लादेशी नागरिकों को जमानत दे दी गई।

इससे पहले बुधवार को इसी से जुड़े 42 अन्य विदेशियों को भी जमानत दे दी गई थी। जिसमें फिलीपींस, फिजी, आस्ट्रेलिया समेत कई देशों के नागरिक शामिल थे। इसके अलावा मंगलवार को भी निजामुद्दीन मरकज में भाग लेने वाले 122 मलेशियाई नागरिकों को वीजा शर्तों और अन्य नियमों का उल्लंघन करने के मामले में जमानत मिल गई थी।

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