बेचन सिंह के निर्देशन में बना भोजपुरी शॉर्ट फिल्म “बर्बादी के जड़”

गोरखपुर। भगीरथ प्रयास न्यूज़ नेटवर्क । लाकडाउन का पूर्णतया पालन करते हुए भोजपुरी शार्ट फिल्म “बर्बादी के जड़” का निर्माण हुआ, जिसमें यह संदेश देने की कोशिश की गई है कि समाज में नशा एक अभिशाप है, जिसके वजह से पूरा परिवार बर्बाद हो जाता है।

यह लत जिसको लग कोरोनावायरस के वजह से जहां पूरे देश में लाकडाउन है, वहीं यह पीने की जुगत में लगा रहता है । जब इसे पता चलता है कि लाक डाउन में भी शराब की दुकान खुल गई है तो मानो इसे खुशी का ठिकाना ना रहा । वह पीने के लिए बेचैन हो उठा।

जब कहीं से पैसे व पीने की जुगाड़ नहीं लगा तो बीवी के गहने बेचकर पूरे नशे में घर आता है और मर जाता है । घर का माली हालत भी ठीक नहीं रहती है । उसे यह भी नहीं चिंता कि घर में बच्चों के लिए भोजन है कि नहीं । बीवी बच्चे भी परेशान रहते हैं।

फिल्म में शहर के वरिष्ठ रंगकर्मी अशोक महर्षि, धर्मेंद्र श्रीवास्तव, कावेरी, डॉक्टर प्रदीप मिश्रा, पीयूष श्रीवास्तव, मुकेश प्रधान, विवेक, रामफल, मुकेश व बाल कलाकार सिद्ध श्रीवास्तव, प्रांजल श्रीवास्तव ने अभिनय किया है । लेखन व निर्देशन बेचन सिंह, एडिटर दिव्यांश पटेल, बैकग्राउंड म्यूजिक अविनाश सुमन।

फिल्म को “लोकरंग गोरखपुर” यूट्यूब चैनल पर देखा जा सकता है । फिल्म को सभी कलाकारों ने लाकडाउन का पालन करते हुए निर्देशक के दिए गए दिशा निर्देशों के अनुसार अपने-अपने घर से मोबाइल से अपने हिस्से की सीन को शूट कर किया गया है ।

निर्देशक बेचन सिंह ने कहा लाकडाउन में सभी लोग अपने-अपने घरों में हैं, लोग अपने सुविधानुसार एक दूसरे की मदद कर रहे हैं तो कलाकार अपने कला के माध्यम से समाज को जागरूक करने में लगे हैं जो एक सराहनीय कदम है।

हर कोई अपने-अपने हिसाब से समाज को कुछ ना कुछ देने की कोशिश कर रहा है । फिल्म का मकसद समाज में फैली नशा रूपी विकृत को दूर करना है और समाज व परिवार को सुख, समृद्धि, खुशहाल व स्वस्थ बनाना है।

फिल्म के माध्यम से समाज व व्यवस्था के ऊपर सवाल किया है कि “दुनिया कोरोना से जंग लड़ रही है, तो वहीं कुछ परिवार दारू से । कोरोना से मरने वालों के आंकड़े मिल जाएंगे लेकिन दारू से……?”

Print Friendly, PDF & Email

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *