बलिया: मुख्यमंत्री की बैठक में जाने से पत्रकारों को रोका, क्षुब्ध पत्रकारों ने किया धरना-प्रदर्शन

बलिया। भगीरथ प्रयास न्यूज़ नेटवर्क। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की समीक्षा बैठक में कवरेज के लिये पत्रकारों को न जाने देने से क्षुब्ध पत्रकारों ने धरना प्रदर्शन किया। आक्रोशित पत्रकारों ने जिला प्रशासन के विरुद्ध जमकर नारेबाजी की। पत्रकारों ने मनाने आये जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक की एक न सुनी तथा मुख्यमंत्री के सुरक्षा अधिकारी की मुख्यमंत्री के साथ मुलाकात की पेशकश को भी ठुकरा दिया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रविवार की दोपहर बलिया आये। उन्होंने बसन्तपुर ग्राम स्थित कैस्टरब्रिज स्कूल में कोविड-19 को लेकर समीक्षा बैठक किया। कार्यक्रम का कवरेज करने के लिये पत्रकार स्कूल समय से पहले ही पहुंच गए, लेकिन पत्रकारों को गेट पर ही रोक दिया गया। पत्रकारों को पुलिस ने विद्यालय के गेट पर ही रोक दिया। पत्रकारों ने गेट पर मौजूद पुलिस अधिकारियों के जरिये जिला प्रशासन के अधिकारियों से सम्पर्क का प्रयास किया, किंतु कोई प्रशासनिक अधिकारी पत्रकारों से मुलाकात करने नही आया। इसके बाद श्रमजीवी पत्रकार यूनियन के अध्यक्ष अनूप कुमार हेमकर की अगुवाई में जिला मुख्यालय के आक्रोशित पत्रकारों ने गेट के सामने ही धरना व प्रदर्शन शुरू कर दिया। पत्रकारों ने जिला प्रशासन के विरुद्ध जमकर नारेबाजी शुरू कर दी। प्रशासन के प्रतिनिधि के रूप में पुलिस अधिकारी धरना स्थल पर पहुंचे और पत्रकारों को मनाने की कोशिश की, लेकिन पत्रकार धरना समाप्त करने को तैयार नही हुए। इस मौके पर हुई सभा में पत्रकारों ने जिला प्रशासन पर जमकर निशाना साधा। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि कोरोना से निपटने में अपनी नाकामियों को छिपाने व भ्रष्ट कृत्यों पर पर्दा डालने के लिए जिला प्रशासन पत्रकारों को मुख्यमंत्री से दूर रख रहा है, ताकि उसकी कारगुजारी मुख्यमंत्री के समक्ष पत्रकार बयां न कर सके।

इस मौके पर जिला अध्यक्ष अनूप कुमार हेमकर, सुधीर ओझा, सुनील सिंह, सुधीर तिवारी, अजय भारती , रोशन जायसवाल, धनन्जय पांडेय,  सर्वेन्द्र विक्रम सिंह, करुणा सिंधु सिंह, नरेंद्र मिश्र, जिला महामंत्री राजेश ओझा , आलोक रंजन,  प्रदीप गुप्ता, मुकेश मिश्रा,  आसिफ जैदी, रत्नेश सिंह, राजीव प्रसाद, अजीत पाठक,  अमित सोनी, अनिल अकेला, विवेक जायसवाल, पशुपति नाथ,  प्रशांत बनर्जी, पंकज राय, राजू दूबे, अखिलेश यादव, दिनेश गुप्ता, रवि प्रकाश आदि ने विचार व्यक्त किया। समीक्षा बैठक के बाद जिलाधिकारी हरि प्रताप शाही व पुलिस अधीक्षक देवेन्द्र नाथ धरनास्थल पर पहुँचे।  अधिकारी द्वय ने पत्रकारों को समझाने का प्रयत्न किया, लेकिन पत्रकारों ने आक्रोश का इजहार करते हुए उनकी एक न सुनी तथा उनको बैरंग लौटा दिया। इसके बाद मुख्यमंत्री के सुरक्षा अधिकारी धरना स्थल पर पहुंचे तथा उन्होंने पत्रकारों के पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल से मुख्यमंत्री की मुलाकात की पेशकश की। पत्रकारों ने इस पेशकश को भी ठुकरा दिया।  भाजपा सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त मौके पर पहुंचे। उन्होंने पत्रकारों के पक्ष की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि वह भविष्य में इस तरह का मामला न होने पाये, इसको लेकर अपनी तरफ से पहल करेंगे तथा शीघ्र पत्रकारों व अधिकारियों की संयुक्त बैठक आहूत करायेंगे।

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