आरोपित अभियुक्त को सत्र परीक्षण के दौरान अपर सत्र न्यायाधीश एवं पाक्सो एक्ट प्रथम फरीदा बेगम ने 10 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा

अम्बेडकरनगर। गैर इरादतन हत्या के चर्चित मामले में आरोपित अभियुक्त को सत्र परीक्षण के दौरान अपर सत्र न्यायाधीश एवं पाक्सो एक्ट प्रथम फरीदा बेगम ने 10 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा तथा 10 हजार रुपए अर्थदंड से दंडित किया। जेल में बिताई गई अवधि को दंडादेश में समायोजित करने का भी आदेश न्यायाधीश ने दिया। मामला छह वर्ष जलालपुर थाना क्षेत्र के निमटिनी गांव का है। निमटिनी गांव में 29 अप्रैल 2014 को आंधी में गिरे हुए पेड़ को काटने के लिए हुए विवाद में आकाश पुत्र पन्नालाल को गांव के कन्हैया लाल पुत्र झिनकू एवं उनकी पत्नी सूर्यमुखी ने जमकर मारा-पीटा था। गम्भीर चोट आने से छह मई को जिला चिकित्सालय से फैजाबाद एवं वहां से नौ मई को ट्राम सेन्टर रेफर कर दिया गया था। इलाज के दौरान आकाश की मौत 26 जुलाई 2014 को हो गई। सत्र परीक्षण के दौरान एडीजीसी क्रिमिनल दिलीप सिंह ने सात गवाह परीक्षित कराते हुए कठोर दंड के लिए जिरह व बहस की जब कि बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने अपने मुवक्किल के समर्थन में दलीलें दी। गवाहों के बयान एवं अपराध की गम्भीरता के दृष्टिगत न्यायाधीश अभियुक्त कन्हैया लाल को गैर इरादतन हत्या के आरोप में 10 वर्ष के सश्रम कारावास तथा 10 हजार रुपए अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड न जमा करने पर अभियुक्त को छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।

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