अनोखा नजारा, ‘रामेश्वरम’ में नजर आया, हैरान हुए लोग, सूर्य के चारों ओर दिखा गोल छल्ला

नई दिल्ली। भगीरथ प्रयास न्यूज़ नेटवर्क। सोमवार को रामेश्वरवासी उस वक्त अचरज में पड़ गए, जिस वक्त उन्हें आकाश में सूर्य के चारों ओर एक गोल छल्ला देखने को मिला, ऐसा लग रहा था कि जैसे सूर्य के चारों तरफ क‍िसी ने गोला बना द‍िया हो, ज‍िसके बीच में सूरज हो, स्थानीय लोगों ने आधे घंटे से अधिक समय तक आकाश की इस अनोखी घटना का आनंद लिया, इस घटना की चर्चा सोशल मीडिया पर भी जोर-शोर से हो रही है, वैज्ञानिकगण इसे ‘हालो इफेक्ट’ कह रहे हैं।

चलिए विस्तार से जानते हैं ‘हालो इफेक्ट’ के बारे में…

सूर्य के चारों ओर दिखा गोल छल्ला

दरअसल सूरज के चारों ओर दिखने वाली ये रिंग या छल्ला सूर्य और चंद्रमा का एक गोलाकार प्रभामंडल है।

22 डिग्री एंगल पर एटमॉस्फेरिक आइस क्रिस्टल और लाइट के रिफ्लेक्शन की वजह से ये रिंग या छल्ले का जन्म होता है, इस घटना को 22 डिग्री ‘हालो इफेक्ट’ कहते हैं, ये इफेक्ट साल के 365 द‍िनों में से करीब 100 द‍िन नजर आता है, ये देखने में बहुत खूबसूरत होता है।

सूर्य ऊर्जा का शक्तिशाली भंडार

सूर्य एक तारा है,
जिसका व्यास लगभग 13 लाख 90,000 किलोमीटर है जो पृथ्वी से लगभग 101 गुना अधिक होता है।

ऊर्जा का यह शक्तिशाली भंडार है।

सूर्य मुख्य रूप से हाइड्रोजन और हीलियम गैसों से मिलकर बना है।
सूर्य से पृथ्वी पर प्रकाश 8.3 मिनट में पहुंचता

सूर्य से पृथ्वी की औसत दूरी लगभग 1496, 00, 000 किमी है।
सूर्य से पृथ्वी पर प्रकाश 8.3 मिनट में पहुंचता है।
सूर्य की सतह का निर्माण हाइड्रोजन, हिलियम, लोहा, निकेल, ऑक्सीजन, सिलिकन, सल्फर, मैग्निसियम, कार्बन, नियोन, कैल्सियम, क्रोमियम तत्वों से हुआ है।
आकाश गंगा का चक्करजब से सुूर्य का जन्म हुआ है इसने सिर्फ 20 बार ही आकाशगंगा का चक्कर काटा है, आपको बता दें कि इसे एक चक्कर पूरा करने में 25 करोड़ साल लग जाते है।सूर्य की एक परिक्रमा लगाने में पृथ्वी के द्वारा लगे समय को सौर वर्ष कहते हैं।

सूर्य की ऊर्जा का कुछ भाग पृथ्वी और समुद्र की सतह से टकराकर वायुमंडल में बदल जाता है।सूर्य की ऊर्जा की ही वजह से पृथ्वी गर्म होती है।

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